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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान शिशॠकी मूवमेंट और किक मारने से ही पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट मां बचà¥â€à¤šà¥‡ के सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होने का अंदाजा लगा लेती हैं। जब बचà¥â€à¤šà¤¾ किक मारता है तो मां के चेहरे पर खà¥à¤¶à¥€ आ जाती है। वैसे आमतौर पर शिशॠगरà¥à¤ में अधिकतर समय सोता रहता है।
32 सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ का होने पर à¤à¥à¤°à¥‚ण आवाज सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ लगता है और यादें à¤à¥€ बनाने लगता है। इस समय वह गरà¥à¤ में मूव à¤à¥€ करता है लेकिन 90 से 95 फीसदी समय सोता रहता है। कई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं का कहना है कि उनका शिशॠरात के समय जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ किक और मूवमेंट करता है।
अधिकतर महिलाओं को सबसे पहले शिशॠकी मूवमेंट पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के 14वें हफà¥à¤¤à¥‡ से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के 26वें हफà¥à¤¤à¥‡ के बीच महसूस होती है लेकिन 18वें हफà¥à¤¤à¥‡ से 22वें हफà¥à¤¤à¥‡ में इसके होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है।
इस मामले में पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा की पोजीशन अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है। आइठजानते हैं कि à¤à¤¸à¤¾ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ होता है और गरà¥à¤ में शिशॠकिस समय सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ होता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में हंसने से मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों को मिलते हैं अनगिनत फायदे
रात में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ किक कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ मारता है बचà¥â€à¤šà¤¾
अमेरिकन पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ करवाई गई à¤à¤• सà¥â€à¤Ÿà¤¡à¥€ में सामने आया कि कà¥à¤› बचà¥â€à¤šà¥‡ नॉकटरनल (Nocturnal) होते हैं और इसी वजह से वो रात के समय जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहते हैं। नॉकà¥â€à¤Ÿà¤°à¤¨à¤² का मतलब होता है रात में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहना।
यदि बचà¥â€à¤šà¥‡ को गà¥à¤¸à¥â€à¤¸à¤¾ आठया वो किसी बात से चिढ़ जाठतो à¤à¤¸à¥‡ में आपको तेज किक महसूस हो सकती है। शिशॠको गरà¥à¤ में जगह कम पड़ने या असहज महसूस होने के कारण à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है।
डॉकà¥â€à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का मानना है कि जैसे-जैसे शिशॠगरà¥à¤ में बढ़ता है, वैसे-वैसे उसे आसपास की चीजों का पता चलने लगता है। रात के समय शिशॠका जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहना चिंता की बात नहीं है।
à¤à¥à¤°à¥‚ण की नॉरà¥à¤®à¤² मूवमेंट कितनी होनी चâ€à¤¾à¤¹à¤¿à¤
माना जाता है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के सातवें महीने में à¤à¥à¤°à¥‚ण 95 फीसदी समय सोता रहता है और हर घंटे में लगà¤à¤— 50 बार मूव करता है। इनमें से किक और सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग मां को महसूस होती है जबकि पलकें à¤à¤ªà¤•ाना महसूस नहीं होता है। इस पीरियड में हर बचà¥â€à¤šà¥‡ की मूवमेंट अलग होती है। इसलिठये कह पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि किस तरह की मूवमेंट सही और किस तरह की गलत है।
आमतौर पर डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° अलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के जरिठà¤à¥à¤°à¥‚ण की हारà¥à¤Ÿ रेट और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की जांच करते हैं। इससे पता चलता है कि गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠकितना सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ है। जैसे-जैसे डिलीवरी का समय पास आता चला जाता है, वैसे-वैसे शिशॠकी मूवमेंट à¤à¥€ अलग होती चली जाती है।
हर बचà¥â€à¤šà¥‡ की मूवमेंट अलग होती है लेकिन इतना कहा जा सकता है कि बचà¥â€à¤šà¥‡ जोड़ों को सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करने, हिचकी लेने, पलक à¤à¤ªà¤•ाने, डकार लेने और किक मारने के लिठमूव करते हैं। अगर आपको शिशॠकी कोई असामानà¥â€à¤¯ मूवमेंट महसूस हो रही है तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚।
शिशॠकी मूवमेंट से उसकी सेहत के बारे में कई चीजें पता चलती हैं। अगर आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ कम या न के बराबर मूव कर रहा है तो ये चिंता का विषय हो सकता है। इसे आपको बिलà¥â€à¤•à¥à¤² à¤à¥€ नजरअंदाज नहीं करना चाहिठकà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि ये किसी खतरे का संकेत हो सकता है।
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